प्रकृति ने हमें जामुन, अमरूद और पपीते जैसे उपहार दिए हैं। सही ज्ञान के साथ इनका आनंद लें।
सिर्फ मिठास ही नहीं, बल्कि 'ग्लाइसेमिक लोड' (GL) यह तय करता है कि कोई भोजन आपके शरीर को कैसे प्रभावित करता है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय फल जैसे **जामुन** और **स्टार फ्रूट (कमरख)** में बहुत कम GL होता है। इसका मतलब है कि वे पचने में आसान हैं और शरीर पर भार नहीं डालते।
कृत्रिम मिठास छोड़ें, प्राकृतिक स्वाद अपनाएं।
पाचन धीमा करता है।
कोशिकाओं को तरोताजा रखता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर।
मानसिक सतर्कता बढ़ाता है।
रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
आयुर्वेद के अनुसार, फलों को भोजन के साथ नहीं, बल्कि अलग से खाना चाहिए।
दोपहर के भोजन और रात के खाने के बीच एक नाश्ते के रूप में एक अमरूद या एक कटोरी पपीता सबसे अच्छा विकल्प है। यह भूख को शांत करता है और ऊर्जा देता है।
छोटे कदम बड़े बदलाव लाते हैं।
"मुझे नहीं पता था कि अमरूद इतना फायदेमंद हो सकता है। अब यह मेरा पसंदीदा स्नैक है।"
"सही जानकारी ने मेरे खाने के तरीके को बदल दिया। बहुत उपयोगी साइट।"
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शरीफा में बहुत अधिक कैलोरी और चीनी होती है। इसे बहुत सीमित मात्रा में खाना ही बुद्धिमानी है।
जी हां, थोड़े कच्चे केले या पपीते में 'प्रतिरोधी स्टार्च' (Resistant Starch) होता है, जो चीनी को बढ़ने से रोकता है।
नारियल पानी प्राकृतिक है, लेकिन इसमें भी प्राकृतिक चीनी होती है। एक दिन में एक गिलास पर्याप्त है।
दही के साथ फल खाने से प्रोटीन मिलता है, जो चीनी के अवशोषण को धीमा कर सकता है। यह एक अच्छा संयोजन है।